जबलपुर के बड़े फुहारा में ठेला व्यापारियों से कथित दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल, विधायक घनघोरिया ने जताई नाराजगी
जबलपुर के बड़े फुहारा क्षेत्र में त्योहारों से पहले ठेला व्यापारियों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार का वीडियो सामने आया है। विधायक घनघोरिया ने मामले की आलोचना की है, जबकि पुलिस का विस्तृत पक्ष उपलब्ध रिपोर्ट में दर्ज नहीं है।
Jabalpur Viral Video : मध्य प्रदेश के जबलपुर में बड़े फुहारा क्षेत्र से ठेला व्यापारियों और पुलिस के व्यवहार से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। त्योहारों के सीजन में छोटे कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का सवाल पहले से ही अहम होता है। ऐसे में पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में विधायक घनघोरिया ने पुलिस के रवैये को निंदनीय बताया है।
13 अक्टूबर 2026 को पब्लिक ऐप पर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़े फुहारा इलाके का है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि त्योहारों के दौरान ठेला लगाकर सामान बेचने वाले छोटे व्यापारी ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच पुलिस के व्यवहार से जुड़ा वीडियो सामने आया है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि शांति समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ तय की गई व्यवस्थाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। हालांकि, उन व्यवस्थाओं का पूरा विवरण सार्वजनिक रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि त्योहारों के दौरान बाजार में व्यवस्था बनाए रखने और छोटे व्यापारियों की आजीविका सुरक्षित रखने के बीच संतुलन कैसे बनाया जा रहा है। ठेला लगाकर कारोबार करने वाले कई लोगों के लिए त्योहारों का समय अतिरिक्त कमाई का अवसर होता है। उनकी रोजाना की बिक्री पर परिवार के खर्च निर्भर हो सकते हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन और लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार महत्वपूर्ण है।
दूसरी ओर, त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जबलपुर में 7 अक्टूबर को दुर्गोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की बैठक भी हुई थी। इसमें सुरक्षा, जुलूस के मार्ग और यातायात व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई थी। हालांकि, इस बैठक से जुड़े निर्देशों और बड़े फुहारा के ठेला व्यापारियों के मामले के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
विधायक घनघोरिया की आपत्ति के बाद अब इस मामले में पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वीडियो में दिखाई देने वाली पूरी घटना किन परिस्थितियों में हुई, संबंधित पुलिसकर्मियों की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया गया है या मामले में कोई विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। इसलिए वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना की पूरी जानकारी और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।
बड़े फुहारा का यह मामला त्योहारों के दौरान बाजार प्रबंधन और छोटे कारोबारियों के हितों से जुड़ा है। प्रशासन के लिए जरूरी होगा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ व्यापारियों की समस्याओं को भी सुना जाए। वहीं, घटना की निष्पक्ष जांच और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने से विवाद की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।





