हाईजैक अलर्ट के बाद जयपुर डायवर्ट हुई Air India AI-2030, 306 यात्री सुरक्षित उतारे गए
फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान को सुरक्षा अलर्ट के बाद जयपुर डायवर्ट किया गया। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद 306 यात्रियों को बाहर निकाला गया और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की। अलर्ट की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
Air India AI 2030 : जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ान AI-2030 को बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 की सुबह सुरक्षा अलर्ट मिलने के बाद जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। विमान ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह करीब 9:35 बजे सुरक्षित लैंडिंग की। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में 306 यात्री सवार थे। लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को विमान से उतारकर एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्धारित स्थान पर ले जाया गया।
घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। विमान को सामान्य पार्किंग क्षेत्र से अलग आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने जांच शुरू की। सुरक्षा टीमों ने विमान के साथ यात्रियों के सामान की भी जांच की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। हालांकि, जांच में क्या मिला और विमान को डायवर्ट करने की वास्तविक वजह क्या थी, इस बारे में अंतिम आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या था अलर्ट और क्यों डायवर्ट हुई फ्लाइट?
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के भारतीय हवाई क्षेत्र के नजदीक पहुंचने के दौरान सुरक्षा अलर्ट मिला था। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई। शुरुआती खबरों में बम की धमकी का उल्लेख हुआ, जबकि एक एयरपोर्ट सूत्र ने इसे हाईजैक की अफवाह से जुड़ा मामला बताया। अभी तक अलर्ट की प्रकृति को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे विमान के अपहरण या बम मिलने की पुष्टि मानना सही नहीं होगा।
इस मामले में Squawk 7500 कोड का भी उल्लेख किया गया है। विमानन क्षेत्र में यह कोड आम तौर पर विमान के अपहरण या किसी गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति का संकेत देता है। हालांकि, इस घटना में कोड किस परिस्थिति में दर्ज हुआ, क्या इसे जानबूझकर सक्रिय किया गया था या यह गलती से हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शुरुआती रिपोर्टों में गलती से अलर्ट जारी होने की आशंका भी जताई गई है, लेकिन इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
जयपुर एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को टर्मिनल में निर्धारित स्थान पर ले जाया गया। उनके आगे के सफर की व्यवस्था मानक सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार किए जाने की जानकारी सामने आई है। एयरपोर्ट प्रशासन और एयर इंडिया की ओर से जांच के अंतिम नतीजों तथा अलर्ट के कारण पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
पिछले दिनों फ्लाईदुबई की उड़ान में भी हुई थी गंभीर घटना
विमानन सुरक्षा से जुड़ी एक अलग घटना 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, उस उड़ान के कॉकपिट में सह-पायलट ने मुख्य पायलट पर हमला किया था। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया। इस मामले में भी घटना की परिस्थितियों और मंशा की जांच की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं और फिलहाल जयपुर में उतारी गई एयर इंडिया की उड़ान को उस मामले से जोड़ने का कोई पुष्ट आधार सामने नहीं आया है।
फिलहाल Air India AI-2030 की जयपुर में आपात लैंडिंग से जुड़ी जांच जारी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया के बाद अब सबसे अहम सवाल यही है कि सुरक्षा अलर्ट किस वजह से सामने आया। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।






