टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोली चल गई, गैंग बोल रहा है “हमने किया”
मुंबई के जुहू में हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा है। जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क की बात भी सामने आई है।
Jansampark Time,Tiger Shroff News Today : मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम हुई फायरिंग की घटना ने बॉलीवुड की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड गोलियां चलाईं। राहत की बात यह रही कि टाइगर श्रॉफ इस हमले में सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर समेत दो लोगों को गोली लगने से चोटें आईं। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच तेज की और सोमवार, 19 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की योजना किसने बनाई, हथियार कहां से आए और इस वारदात के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रविवार शाम करीब सात बजे हुई, जब टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद घर लौट रहे थे। जुहू इलाके में उनकी कार के पास पहुंचे हमलावरों ने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। टाइगर श्रॉफ को चोट नहीं आई, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
कोटा रेलवे स्टेशन से कैसे पकड़े गए तीनों संदिग्ध?
इस मामले में 19 अक्टूबर को पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली। राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर मुंबई से जा रही ट्रेन में तलाशी अभियान चलाकर तीन संदिग्धों को पकड़ लिया गया। कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि फायरिंग में शामिल तीन मुख्य संदिग्ध ट्रेन से सफर कर रहे हैं और कोटा पहुंचने वाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम सक्रिय हुई और करीब 15 मिनट के भीतर ट्रेन में तलाशी लेकर तीनों को पकड़ लिया।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में हरियाणा के सोनीपत का रेहान उर्फ सुक्का, बिहार के बेगूसराय का ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऋतिक मुंबई में रहकर बाइक टैक्सी चलाता था, जबकि अन्य दोनों आरोपी हरियाणा से जुड़े बताए जा रहे हैं। नाबालिग की पहचान गोपनीय रखी गई है। पुलिस का कहना है कि तीनों वारदात के बाद मुंबई से निकल गए थे और नेपाल भागने की तैयारी में थे। इसके लिए वे पहले जयपुर और फिर दिल्ली जाने वाले थे। हालांकि, कोटा में ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
कोटा पुलिस के शुरुआती बयान के मुताबिक, पकड़े गए संदिग्धों के पास से फिलहाल हथियार बरामद नहीं हुए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां छिपाए गए और वारदात में उनकी क्या भूमिका थी। राजस्थान पुलिस ने तीनों संदिग्धों को मुंबई पुलिस के हवाले करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी है। मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की खबर है।
रेहान और अनिल पंडित के संपर्क की बात क्यों अहम है?
इस मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि पुलिस की शुरुआती पूछताछ के अनुसार, रेहान कथित तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में था। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच Signal और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत होने की बात सामने आई है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इन माध्यमों से हमले की योजना, लोकेशन या अन्य निर्देश साझा किए गए थे। शुरुआती जांच में रेहान की भूमिका अहम बताई गई है, लेकिन पूरे घटनाक्रम और साजिश की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
अनिल पंडित को मीडिया रिपोर्ट्स में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा व्यक्ति बताया गया है। वह मूल रूप से हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है और उसके अमेरिका में होने की जानकारी सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, वह 2024 में कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा था। एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वह गैंग के दूसरे सदस्यों के जरिए निर्देश हासिल करता है और हैरी बॉक्सर उर्फ हरि चंद जाट का नाम उसके संचालक के तौर पर सामने आया है। इन संबंधों और कथित भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि जांच के जरिए होनी बाकी है।
फायरिंग के बाद सामने आई एक ऑडियो क्लिप में अनिल पंडित होने का दावा करने वाला व्यक्ति हमले की जिम्मेदारी लेता सुनाई देता है। क्लिप में सलमान खान और उनके साथ काम करने वाले लोगों को भी धमकी दी गई है। इस कथित जिम्मेदारी और गैंग से जुड़े दावों की जांच जरूरी है, पुलिस को यह पता लगाना होगा कि इस वारदात का आदेश किसने दिया और मौके पर गोली चलाने वालों के अलावा दूसरे लोग भी इसमें शामिल थे या नहीं।
सलमान खान को पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
सलमान खान लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कथित धमकियों के कारण सुरक्षा के लिहाज से चर्चा में रहे हैं। अप्रैल 2024 में मुंबई स्थित उनके गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर भी फायरिंग हुई थी। उस समय बाइक सवार हमलावरों ने उनके घर के बाहर गोलियां चलाई थीं और जांच में बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों का नाम सामने आया था। टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए ताजा हमले के बाद सलमान खान की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच संबंध और मौजूदा हमले का वास्तविक मकसद जांच एजेंसियों के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

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