MP News: शहडोल में गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, ट्रक और तीन मोबाइल समेत 1.13 करोड़ का सामान जब्त
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जयसिंहनगर पुलिस ने 18 बोरियों और 81 पैकेटों से 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस ने ट्रक चालक और खलासी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गांजे के अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी दौरान नवरात्रि पर्व को देखते हुए रात और सुबह की गश्त के दौरान जयसिंहनगर पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक को रोककर चालक और खलासी से पूछताछ की। उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर पुलिस ने वाहन की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रक से 18 बोरियों और 81 पैकेटों में रखा कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर ट्रक में सवार दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गांजे की अनुमानित कीमत 73 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल विश्वकर्मा (36), निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश, और नारायण मंडल (50), निवासी गिरिडीह, झारखंड, के रूप में हुई है। राहुल ट्रक चला रहा था, जबकि नारायण मंडल खलासी के रूप में उसके साथ था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
ट्रक और मोबाइल फोन भी जब्त
पुलिस ने गांजे के साथ ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। ट्रक की अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये और मोबाइल फोन की कुल कीमत पांच हजार रुपये बताई गई है। इस तरह गांजे, ट्रक और मोबाइल फोन को मिलाकर जब्त सामग्री का कुल मूल्य 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये आंका गया है।
जयसिंहनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
फिलहाल, गांजे की आपूर्ति के स्रोत और संभावित तस्करी नेटवर्क को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में गांजे की खेप के ओडिशा, उत्तर प्रदेश या बिहार से जुड़े किसी खास मार्ग से आने-जाने की पुष्टि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच में आगे इस मामले से जुड़े अन्य लोगों या नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है।
शहडोल में हुई इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की अवैध ढुलाई के खिलाफ अहम कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

मेरा नाम शैलेन्द्र है, मैंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से बी.कॉम. किया है। बी.कॉम. (कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक करने के बाद मैंने एल.एल.बी. भी किया है। मैं देश-दुनिया और सामाजिक सरोकारों से खुद को अवगत रखता हूँ और मुझे लिखने का शौक है। मुझे अच्छे लेख लिखना अच्छा लगता है।






