ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच छिपा था करोड़ों का माल, भोपाल में DRI ने बिगाड़ा तस्कर का खेल
दिल्ली से बस में भोपाल पहुंचे यात्री के दो ट्रॉली बैग से 11 पैकेट बरामद हुए। DRI ने NDPS एक्ट के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया।
बस से सफर, साथ में दो ट्रॉली बैग और कपड़ों की पैकिंग के बीच छिपाई गई करोड़ों रुपये की ड्रग्स। भोपाल के ISBT बस स्टैंड पर राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की कार्रवाई में नशीले पदार्थों की तस्करी का एक मामला सामने आया है। अधिकारियों ने एक यात्री के सामान से 9.139 किलोग्राम क्रिस्टलीय मेथाम्फेटामाइन बरामद की है। जब्त पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 7.32 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
दो ट्रॉली बैग में मिले 11 पैकेट
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी दिल्ली-नागपुर रूट पर चलने वाली बस से भोपाल पहुंचा था। ISBT पर जांच के दौरान उसके सामान की तलाशी ली गई। इस दौरान दोनों ट्रॉली बैग में रखे 11 पैकेट मिले। बताया गया है कि इन पैकेटों को सलवार-सूट की पैकिंग के बीच छिपाया गया था। जांच में इनमें क्रिस्टलीय मेथाम्फेटामाइन मिलने की बात सामने आई। इसके बाद नशीले पदार्थ को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मेथाम्फेटामाइन एक शक्तिशाली कृत्रिम उत्तेजक नशीला पदार्थ है, जिसका गैरकानूनी इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां न केवल बरामदगी, बल्कि पदार्थ के स्रोत, उसे पहुंचाने वाले लोगों और संभावित खरीदारों का पता लगाने की भी कोशिश करती हैं।
ड्रग्स कहां से आई और कहां पहुंचनी थी?
इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि इतनी बड़ी खेप आरोपी तक कैसे पहुंची और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से ड्रग्स के स्रोत, अंतिम ठिकाने और संभावित नेटवर्क के बारे में कोई पुख्ता निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इन पहलुओं पर जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
भोपाल ISBT पर हुई इस कार्रवाई को बसों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, इस मामले को किसी बड़े गिरोह से जोड़ने से पहले जांच एजेंसियों की पुष्टि जरूरी है। आरोपी की गिरफ्तारी और ड्रग्स की बरामदगी के बाद अब जांच का केंद्र यह पता लगाना होगा कि इस खेप के पीछे कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल इस मामले में सामने आए प्रमुख तथ्य 9.139 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन की बरामदगी, दो ट्रॉली बैग में मिले 11 पैकेट और करीब 7.32 करोड़ रुपये की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार कीमत हैं। आगे की जांच से तस्करी के पूरे रास्ते और इसमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

मेरा नाम शैलेन्द्र है, मैंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से बी.कॉम. किया है। बी.कॉम. (कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक करने के बाद मैंने एल.एल.बी. भी किया है। मैं देश-दुनिया और सामाजिक सरोकारों से खुद को अवगत रखता हूँ और मुझे लिखने का शौक है। मुझे अच्छे लेख लिखना अच्छा लगता है।





