पिकअप के अंदर छिपे थे 4 करोड़ रुपये! भिलाई में पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वाहन की तलाशी के दौरान बड़ी नकदी मिली। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है और रकम के स्रोत की जांच जारी है।
Chhattisgarh Breaking News : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस को वाहन की तलाशी के दौरान बड़ी रकम मिली है। एक पिकअप गाड़ी के अंदर बने गुप्त चेंबर से करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इतनी बड़ी रकम को वाहन में छिपाकर ले जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह पैसा किसका है, कहां से आया और इसे किस काम के लिए ले जाया जा रहा था।
26 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा इलाके में की गई। शुरुआती जानकारी में पिकअप के रायपुर से नागपुर की ओर जाने की बात सामने आई है। मामले में हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पिकअप में कहां छिपाए गए थे 4 करोड़ रुपये?
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को एक पिकअप वाहन में भारी मात्रा में नकदी ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने डबरापारा इलाके में वाहन की जांच की। तलाशी के दौरान गाड़ी का पिछला हिस्सा सामान्य से अलग और बदला हुआ दिखाई दिया। जब पुलिस ने उसकी बारीकी से जांच की, तो अंदर एक विशेष गुप्त चेंबर मिला।
इस चेंबर को खोलने पर उसमें भारतीय मुद्रा के बंडल छिपाकर रखे हुए मिले। पुलिस की गिनती में बरामद रकम करीब 4 करोड़ रुपये बताई गई। इतनी बड़ी नकदी को सामान्य सामान की तरह खुले में रखने के बजाय वाहन के भीतर छिपाने का तरीका अब जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चेंबर कब और किस उद्देश्य से बनाया गया था।
पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया
पिकअप में दो लोग सवार थे। सामने आई जानकारी के अनुसार, वाहन चालक की पहचान भवेशभाई जीनाभाई डाभी और दूसरे व्यक्ति की पहचान विष्णुदेव दुबे के रूप में बताई गई है। पुलिस दोनों से रकम के मालिकाना हक, पैसों के स्रोत और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के उद्देश्य के बारे में पूछताछ कर रही है।
फिलहाल जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मामले की अगली कार्रवाई तय होगी। बरामद नकदी से जुड़े दस्तावेज, लेनदेन का विवरण और संबंधित लोगों के बयानों से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि रकम किसी वैध कारोबारी लेनदेन से जुड़ी है या इसके पीछे कोई दूसरी गतिविधि है। अभी जांच जारी है, इसलिए किसी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
क्या 4 करोड़ रुपये का मामला हवाला कारोबार से जुड़ा है?
इतनी बड़ी रकम मिलने और उसे गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जाने की जानकारी के बाद हवाला कनेक्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, केवल नकदी बरामद होने या उसे छिपाकर ले जाने से हवाला कारोबार की पुष्टि नहीं हो जाती। इसके लिए रकम के स्रोत, उसके वास्तविक मालिक, संबंधित लेनदेन और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
फिलहाल हवाला से संबंध होने की बात को आशंका के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जांच में यदि ऐसे लेनदेन के प्रमाण मिलते हैं, तभी मामले की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से बरामद राशि के वित्तीय स्रोत की पड़ताल के लिए आयकर विभाग को सूचना देने की प्रक्रिया की जानकारी भी सामने आई है।
आयकर विभाग की जांच से खुल सकते हैं कई सवालों के जवाब
चार करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम के मामले में यह पता लगाना जरूरी है कि पैसा कहां से आया, किसका है और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। आयकर विभाग की जांच में रकम से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, स्वामित्व और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस भी मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल इस मामले में रकम के वास्तविक मालिक और उसे ले जाने के पीछे की वजह को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है। आने वाले समय में जांच से जुड़े तथ्यों के सामने आने पर ही स्पष्ट होगा कि यह मामला हवाला कारोबार से संबंधित है या किसी अन्य वित्तीय गतिविधि से। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने वाहन से 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं और मामले की जांच जारी है।

मेरा नाम शैलेन्द्र है, मैंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से बी.कॉम. किया है। बी.कॉम. (कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक करने के बाद मैंने एल.एल.बी. भी किया है। मैं देश-दुनिया और सामाजिक सरोकारों से खुद को अवगत रखता हूँ और मुझे लिखने का शौक है। मुझे अच्छे लेख लिखना अच्छा लगता है।






