खाद नहीं मिली तो कलेक्टरों की छुट्टी, सीएम यादव का गुस्से वाला फरमान
सीएम मोहन यादव ने वर्चुअल बैठक में कलेक्टरों को अलर्ट किया, किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और फसल नुकसान वाले जिलों में सर्वे के आदेश जारी किए।English Tags:

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को साफ संदेश दे दिया। किसानों को खाद की जरूरत पूरी न हुई तो जिम्मेदारी सीधे कलेक्टरों की होगी। भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित किया।
सीएम ने कहा कि खेती का यह महत्वपूर्ण समय है। किसानों को खाद या खेती से जुड़ी अन्य जरूरी सामग्री पाने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसी कोई समस्या आई तो संबंधित जिले के कलेक्टर को जवाबदेह माना जाएगा। उन्होंने कृषि और विपणन विभाग के अधिकारियों को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा।
बैठक में कृषि विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में खाद की आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई समस्या नहीं है। स्टॉक पर्याप्त है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। फिर भी सीएम ने सतर्कता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारी किसानों की जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराएं।
सीएम ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। प्रदेश के उन 12 जिलों में जहां इस साल सामान्य बारिश हुई है, वहां आनावारी के आंकड़े आने के बाद फसल नुकसान का सर्वे जल्द से जल्द कराया जाए। पात्र किसानों को सरकार की योजनाओं के तहत राहत राशि वितरित की जाए। इससे प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
इस बैठक में दीपावली की तैयारियों और कानून व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। सीएम ने अवैध शराब, नशीले पदार्थों और कार्बाइड गन-लैंप जैसे खतरनाक सामान पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। गोवर्धन पूजा 9 नवंबर को राज्यव्यापी स्तर पर आयोजित करने की बात भी कही गई। लेकिन किसानों और खाद की आपूर्ति को लेकर उनका फोकस सबसे ज्यादा साफ दिखा।
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में खाद वितरण को लेकर कुछ जगहों पर शिकायतें आई थीं। ई-विकास सिस्टम में बदलाव के बाद स्थिति सुधरने की बात कही जा रही है। ऐसे में सीएम का यह निर्देश प्रशासन को और सक्रिय बनाने वाला है। कलेक्टर अब व्यक्तिगत रूप से इस मामले में जवाबदेह होंगे। इससे मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।
किसान इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। कई जिलों में रबी की बुआई शुरू हो चुकी है या होने वाली है। सही समय पर खाद मिलना फसल की पैदावार के लिए जरूरी है। सरकार का दावा है कि स्टॉक पर्याप्त है। अब देखना यह होगा कि मैदान में यह निर्देश कितनी सख्ती से लागू होता है।

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