EPFO WhatsApp Service 2026: अब PF बैलेंस, पासबुक और लेनदेन की जानकारी एक मैसेज में
EPFO ने 1 नवंबर को WhatsApp सेवा शुरू की है। सदस्य अब PF बैलेंस, पिछली पांच ट्रांजैक्शन और पासबुक देख सकेंगे। पात्र पुराने खातों में ₹1,000 तक की राशि का स्वतः निपटान भी होगा।

How to check PF balance on WhatsApp : अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने सैलरी से PF कटता है, तो यह खबर आपके लिए खास है। पहले PF बैलेंस जानने या पासबुक देखने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करना पड़ता था या ऑफिस जाना पड़ता था। अब वो झंझट खत्म। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने एक आसान तरीका निकाल दिया है। अब आप अपने मोबाइल पर WhatsApp खोलकर सीधा जानकारी ले सकते हैं।
1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में EPFO के 74वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इस सेवा का शुभारंभ किया। यह सुविधा डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू की गई। मंत्रालय के अनुसार इससे रोजमर्रा की छोटी-मोटी जानकारियों के लिए ऑफिस जाने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।
WhatsApp सेवा के जरिए आप अपने PF खाते में कुल जमा राशि देख सकते हैं। पिछले पांच लेनदेन की डिटेल भी मिल जाती है। पासबुक से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है। इसके अलावा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना यानी PMVBRY से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं में भी व्यक्तिगत मदद मिल सकती है। ये सुविधा उन लोगों के लिए खास है जो रोज WhatsApp इस्तेमाल करते हैं और तकनीकी झंझट से बचना चाहते हैं।
सेवा का इस्तेमाल करने का तरीका काफी सरल है। अपना UAN से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लें। WhatsApp खोलें और आधिकारिक नंबर 8796441800 पर “Hi” या “Hello” मैसेज भेज दें। चैटबॉट आपको भाषा चुनने का विकल्प देगा। उसके बाद बैलेंस चेक, पिछले लेनदेन या पासबुक जैसे ऑप्शन दिखाई देंगे। चुने हुए विकल्प पर क्लिक करके जानकारी ले सकते हैं। ध्यान रखें कि EPFO कभी भी आपका UAN पासवर्ड, OTP, आधार डिटेल या बैंक की संवेदनशील जानकारी नहीं मांगता। सिर्फ आधिकारिक नंबर या आधिकारिक QR कोड का ही इस्तेमाल करें।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव लंबे समय से बंद पड़े या निष्क्रिय PF खातों के लिए लाया गया है। जिन खातों में ₹1,000 या उससे कम राशि जमा है और आधार सत्यापित है, उनके लिए अलग से क्लेम फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। EPFO खुद पहचान और बैंक खाते की जांच के बाद पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देगा। शर्तें साफ हैं। आधार वेरिफाइड होना चाहिए, बैंक खाता EPFO से लिंक होना चाहिए और आधार से भी जुड़ा होना चाहिए।
इस व्यवस्था से करीब एक लाख निष्क्रिय खातों को फायदा होने की उम्मीद है। इन खातों में कुल मिलाकर लगभग ₹5 करोड़ की रकम पड़ी हुई बताई जा रही है। कई लोग पुरानी नौकरी छोड़कर नया काम शुरू कर लेते हैं और छोटे बैलेंस वाले खाते भूल जाते हैं। अब वे छोटी रकम भी बिना दौड़-भाग के वापस पा सकते हैं।
कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा समय और मेहनत बचने का है। बैलेंस चेक करने, पुराने लेनदेन देखने या पासबुक जानकारी लेने के लिए अब बार-बार पोर्टल खोलने या ऑफिस जाने की जरूरत नहीं। WhatsApp पर एक संदेश से काम चल जाता है। पुराने बंद खातों में पड़ी छोटी राशि भी अब आसानी से वापस मिल सकती है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो छोटी रकम के लिए क्लेम प्रक्रिया से बचते थे।
EPFO का यह कदम डिजिटल सेवाओं को आम आदमी तक पहुंचाने की दिशा में है। संगठन के पास करोड़ों सदस्य हैं और बड़ी राशि का कोष है। ऐसे में रोजमर्रा की सेवाओं को आसान बनाना जरूरी था। स्थापना दिवस पर यह फैसला लिया गया ताकि सदस्य बिना परेशानी के अपनी बचत की जानकारी रख सकें।

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