TI दिलीप पुरी मौत: राहुल जायसवाल गिरफ्तार, 30% हिस्सेदारी कबूली
देवास TI दिलीप पुरी हत्याकांड में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल गिरफ्तार। अवैध शराब नेटवर्क में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी स्वीकार की। पूरा अपडेट पढ़ें।

देवास के खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क का मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल गिरफ्तार हो गया है। पूछताछ में उसने शराब के कारोबार में अपनी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी स्वीकार की है।
1 नवंबर 2026 की देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा के टिमरनी से गुजरात के लिए आयशर वाहन में बड़ी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है। कन्नौद के ASP ने टीमें गठित कीं। नाकेबंदी के दौरान देवास के संदलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने वाहन खड़ा मिला।
खातेगांव TI दिलीप पुरी ने चालक को नीचे उतरने और तलाशी देने को कहा। चालक ने रफ्तार बढ़ा दी। वाहन की चपेट में आने से TI दिलीप पुरी की मौत हो गई। पुलिस ने शराब से भरा वाहन जब्त कर लिया।
राहुल जायसवाल कौन है और क्या कबूल किया
गिरफ्तार मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल हरदा जिले के टिमरनी का रहने वाला है। वह कांग्रेस से खातेगांव विधानसभा का प्रभारी है। 2018 से 2024 तक हरदा जिला युवक कांग्रेस का अध्यक्ष भी रह चुका है।
TI की मौत के बाद राहुल ने एक वीडियो जारी कर शराब कारोबार से किसी भी संबंध से इनकार किया था। उसने कहा था कि उसके नाम पर कोई लाइसेंस नहीं है और वह बस व पेट्रोल पंप का काम करता है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा जारी वीडियो में राहुल ने अलग बात कही। उसके मुताबिक अवैध शराब के कारोबार में पातेंद्र जायसवाल की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है। राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहीन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत भागीदारी है। शराब का ठेका बड़वानी जिले के पातेंद्र जायसवाल के नाम पर बताया गया।
राहुल ने पुलिस को बताया कि मनीष जायसवाल इंदौर में रहता है, मोहीन जायसवाल गुजरात में और पातेंद्र जायसवाल बड़वानी में। वह खुद हरदा से गुजरात तक अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क चलाता था। पुलिस ने इंदौर निवासी विजय राव को भी हिरासत में लिया। उसने भी राहुल के लिए काम करने की बात स्वीकार की।
नेटवर्क कितना बड़ा था
हरदा से गुजरात तक फैला यह नेटवर्क पांच जिलों में सक्रिय था। अवैध शराब नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने टीमें गठित कर दबिश शुरू कर दी है। देवास पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
डीजी उपेंद्र जैन ने राहुल का वीडियो जारी किया, जिसमें वह शराब कारोबार में अपनी भूमिका और साझेदारों के बारे में बताता नजर आता है। राहुल के खिलाफ हरदा जिले में कई आपराधिक मामले भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस जांच में पता चला कि टिमरनी की तीन शराब दुकानों से अवैध शराब निकालकर गुजरात भेजी जा रही थी। आबकारी विभाग ने संबंधित दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए। सहायक जिला आबकारी अधिकारी और कुछ कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया।
वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। आयशर मालिक कैरम सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर ट्रक की पायलटिंग करने का आरोप है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने TI दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता और पत्नी को सब इंस्पेक्टर पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा की है। दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले के बरमंडल गांव के रहने वाले थे। वे पहले शिक्षक रहे और बाद में पुलिस में भर्ती हुए।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और शराब की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

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