देवास TI दिलीप पुरी केस में दो आरोपी अलग-अलग मुठभेड़ों में घायल, अक्कू इंदौर रेफर
देवास TI दिलीप पुरी केस में दो आरोपी अलग-अलग मुठभेड़ों में घायल, अक्कू इंदौर रेफर

मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी की मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो आरोपी घायल हो गए। मंगलवार रात पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान गजेंद्र रावत उर्फ अक्कू और उसके साथी धीरज के साथ अलग-अलग स्थानों पर मुठभेड़ हुई। दोनों घटनाओं में पुलिस की जवाबी फायरिंग से आरोपियों के पैर में गोली लगी। गजेंद्र को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है, जबकि धीरज का इलाज देवास जिला अस्पताल में चल रहा है।
बरोठा थाना क्षेत्र में गजेंद्र ने ASI की रिवॉल्वर छीनी
पुलिस के मुताबिक, टीआई दिलीप पुरी की मौत के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी गजेंद्र रावत उर्फ अक्कू को पुलिस ने आलीराजपुर जिले से गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसआईटी की टीम उसे देवास होते हुए खातेगांव लेकर जा रही थी। इसी दौरान बरोठा थाना क्षेत्र में उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस वाहन का टायर पंचर होने के दौरान आरोपी ने सुरक्षा में तैनात एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो उसके पैर में लगी।
पुलिस ने घायल गजेंद्र को तुरंत देवास जिला अस्पताल पहुंचाया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, उसकी हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए उसे इंदौर रेफर किया गया।
धीरज के साथ बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र में दूसरी मुठभेड़
इस मामले में दूसरे आरोपी धीरज के साथ भी पुलिस की अलग मुठभेड़ हुई। देवास के सीएसपी सुमित अग्रवाल ने PTI को बताया कि दिलीप पुरी की मौत के समय धीरज ट्रक में चालक गजेंद्र के साथ मौजूद था। गिरफ्तारी के बाद उसने भी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह घटना देवास के बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र में हुई। आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर पुलिस टीम पर गोली चलाई। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन वह फायरिंग करता रहा। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें धीरज के एक पैर में गोली लगी।
घायल धीरज को उपचार के लिए देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उसे इंदौर रेफर किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
कैसे हुई थी खातेगांव TI दिलीप पुरी की मौत?
यह पूरा मामला 2 नवंबर को हुई घटना से जुड़ा है। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी को इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वह पुलिस टीम के साथ जांच के लिए पहुंचे थे। वहां पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रक को रोककर चालक से पूछताछ करने की कोशिश की।
पुलिस के आधिकारिक विवरण के अनुसार, चालक ने बचकर निकलने की कोशिश में वाहन को सड़क के डिवाइडर की ओर मोड़ दिया। इसी दौरान ट्रक का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया। गंभीर चोटों के कारण दिलीप पुरी की मौत हो गई। इस वाहन में 1,800 लीटर से अधिक शराब होने की जानकारी भी सामने आई थी।
अब इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और अलग-अलग मुठभेड़ों के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका भी जांच का अहम हिस्सा है।

नरसिंहपुर जिले की पत्रकारिता में अपनी एक अलग छवि रखने वाले खबरों को नए तरीके के साथ तीखे अंदाज में लिखने का हुनर बहुत अच्छे से जानते हैं . अब जनसंपर्क टाइम के लिए भी खबरें लिखेंगे






