मध्य प्रदेश और स्थानीय समाचार

मध्य प्रदेश में मानसून के बाद फिर बारिश, दशहरे पर इंदौर-उज्जैन समेत इन 14 जिलों में तेज हवा की संभावना

मध्य प्रदेश में अक्टूबर में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। कहीं आसमान में बादल छा रहे हैं, तो कहीं हल्की बारिश के कारण लोगों को दिनचर्या में बदलाव करना पड़ रहा है। रविवार को खंडवा, गुना, महू और सीहोर समेत कई इलाकों में मौसम बदला और हल्की बारिश दर्ज की गई। अब सोमवार, 19 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। मौसम का यह बदलाव विजयादशमी के आयोजनों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि 20 अक्टूबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार को भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह में बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, सभी जगह एक जैसी बारिश होने की उम्मीद नहीं है। कुछ जिलों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि अन्य इलाकों में बादल छाए रहने या मौसम में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है।

यह भी पढिए
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में भी दोपहर बाद मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और निवाड़ी में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी जाती है।

दशहरे पर इंदौर-उज्जैन समेत इन जिलों में बारिश के आसार

विजयादशमी के दिन यानी मंगलवार, 20 अक्टूबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

दशहरे पर रावण दहन, मेले और अन्य खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे आयोजकों को मौसम पर नजर रखनी चाहिए। तेज हवा और बारिश के कारण अस्थायी टेंट, सजावट, मंच और खुले में रखे सामान को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, बारिश कहां और कितनी होगी, इसका असर स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए कार्यक्रमों से पहले संबंधित जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान देखना उपयोगी रहेगा।

यह भी पढिए
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 21 और 22 अक्टूबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 23 अक्टूबर से कई इलाकों में मौसम साफ होने की संभावना है। अक्टूबर के अंतिम दिनों में रात के तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है।

मानसून की विदाई के बाद क्यों बदल रहा है मौसम?

मध्य प्रदेश में बारिश की नई गतिविधियों के पीछे कई मौसमी प्रणालियों का असर बताया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के अनुसार, निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय है और इसके और मजबूत होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण, दक्षिणी राजस्थान के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ रेखा भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इन प्रणालियों के कारण अरब सागर से नमी आ रही है, जिससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल बनने और बारिश होने के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।

इन मौसमी गतिविधियों का असर ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और अन्य क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। मानसून की विदाई के बाद भी स्थानीय स्तर पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश होना असामान्य नहीं है। हालांकि, बारिश का स्थान, तीव्रता और अवधि अलग-अलग जिलों में अलग हो सकती है। इसलिए पूरे प्रदेश के लिए एक जैसी मौसम स्थिति मानने के बजाय जिलेवार पूर्वानुमान देखना बेहतर रहेगा।

इस साल मध्य प्रदेश में कितनी हुई मानसूनी बारिश?

इस साल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर तक सक्रिय रहा। इस अवधि में प्रदेश में करीब 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा लगभग 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस हिसाब से मानसूनी सीजन में राज्य में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूरे प्रदेश में बारिश का वितरण भी एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत की कमी रही।

यह भी पढिए
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जिलों के स्तर पर भी बारिश के आंकड़ों में अंतर देखने को मिला। उपलब्ध मौसमी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में बारिश का सामान्य कोटा पूरा हुआ, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर उन जिलों में शामिल रहे जहां बारिश का कोटा पूरा होने की जानकारी दी गई। वहीं, आलीराजपुर में बारिश अपेक्षाकृत कम रही।

कुल मिलाकर, मानसून की विदाई के बाद मध्य प्रदेश में मौसम अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। 19 से 22 अक्टूबर के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की संभावना बनी हुई है। किसानों, यात्रियों और दशहरे के आयोजनों से जुड़े लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में खड़े होने से बचें और तेज हवा की स्थिति में अस्थायी ढांचों से दूरी बनाए रखें।

Shailendra

मेरा नाम शैलेन्द्र है, मैंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से बी.कॉम. किया है। बी.कॉम. (कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक करने के बाद मैंने एल.एल.बी. भी किया है। मैं देश-दुनिया और सामाजिक सरोकारों से खुद को अवगत रखता हूँ और मुझे लिखने का शौक है। मुझे अच्छे लेख लिखना अच्छा लगता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button