धनतेरस को धन के साथ मनाने के चक्कर में ,20 हजार की रिश्वत लेते ADM कार्यालय का कर्मचारी पकड़ा
नागदा के बृजेश विश्वकर्मा की मां के दस्तावेजों से फर्जी उज्ज्वला कनेक्शन जारी होने पर शिकायत के बाद ADM कार्यालय के कर्मचारी रोहित गोठवाल पर लोकायुक्त का जाल

- ADM कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
- शिकायतकर्ता बृजेश विश्वकर्मा ने अपनी मां के दस्तावेजों से फर्जी उज्ज्वला गैस कनेक्शन जारी होने की शिकायत की थी।
- लोकायुक्त एसपी विनोद कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में गुरुवार को ट्रैप ऑपरेशन किया गया।
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। कलेक्ट्रेट स्थित अपर कलेक्टर (ADM) कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल को कथित तौर पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। मामला प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जारी कथित फर्जी गैस कनेक्शन की शिकायत से जुड़ा है।
आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई कराने के बदले कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी। इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल मच गई। महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार की शिकायतों को चर्चा में ला दिया है।
नागदा के बृजेश विश्वकर्मा ने लोकायुक्त से की थी शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार, नागदा निवासी बृजेश विश्वकर्मा ने 29 अक्टूबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित के सामने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उनकी मां के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन जारी किया गया है। इस मामले में उन्होंने पहले कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान भी शिकायत की थी।
शिकायत मिलने के बाद खाद्य विभाग ने मामले की जांच की थी। विभाग की जांच रिपोर्ट ADM कार्यालय भेजी गई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि संबंधित मामले में आगे की कार्रवाई कराने के नाम पर उनसे पैसे मांगे जा रहे थे।
नागदा में उज्ज्वला योजना के कथित अनियमितता वाले मामले की पृष्ठभूमि भी सामने आ चुकी है। 28 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य विभाग की जांच में दो महिलाओं के नाम पर गैस कनेक्शन दर्ज होने के बावजूद उन्हें कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराने की बात सामने आई थी। इस मामले को बृजेश विश्वकर्मा ने सूचना के अधिकार के जरिए भी उठाया था।
कार्रवाई कराने के नाम पर मांगे 20 हजार रुपये
बृजेश विश्वकर्मा के आरोप के मुताबिक, ADM कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल ने उज्ज्वला योजना से जुड़े मामले में कार्रवाई कराने के बदले उनसे 20 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत मांग से परेशान होकर लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपों का सत्यापन कराया। जानकारी के मुताबिक, सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने कर्मचारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की गई।
रुपये लेते ही लोकायुक्त टीम ने पकड़ा
गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर में कार्रवाई को अंजाम दिया। योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने जैसे ही रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपये दिए, मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी जब्त की गई।
कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालय में हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। फिलहाल इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी और आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शिकायत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत कथित अनियमितता से जुड़ी है। सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में योजना से संबंधित शिकायत पर कार्रवाई कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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