नरसिंहपुर में डेयरी की दुकान पर गिरी गाज, जरूरी कागज नहीं दिखे तो लगा एक लाख का जुर्माना
खाद्य सुरक्षा अधिकारी की जांच में रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके संचालक, सुनवाई में भी नहीं हुए पेश; 13 अक्टूबर को अपर कलेक्टर ने सुनाया आदेश

Narsinghpur News : नरसिंगपुर की बाहरी सड़क पर रोजाना सैकड़ों लोग दूध, लस्सी और ताजी मिठाई खरीदने जाते हैं। कामधेनु डेयरी एंड स्वीट्स एक ऐसी ही जगह थी जहां लोग बिना किसी शक के सामान ले जाते थे। लेकिन जून 2026 में एक साधारण निरीक्षण ने सब कुछ बदल दिया। फूड सेफ्टी ऑफिसर सरीका दुबे जब दुकान पहुंचीं तो मालिक प्रभात कुर्मी के पास फूड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं था। नतीजा ये हुआ कि अक्टूबर में अतिरिक्त कलेक्टर ने उन्हें एक लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया। ये सिर्फ एक दुकान की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में खाद्य सुरक्षा के नियमों की याद दिलाने वाली घटना है।
19 जून 2026 को फूड सेफ्टी ऑफिसर सरीका दुबे ने अपने नियमित काम के दौरान कामधेनु डेयरी एंड स्वीट्स का दौरा किया। दुकान नरसिंगपुर की बाहरी सड़क पर स्थित है। वहां मौजूद व्यक्ति ने खुद को प्रभात कुर्मी बताया। उनकी उम्र 23 साल है और वे सावलरानी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने खुद को दुकान का मालिक बताया। निरीक्षण के दौरान दूध, दाल, मिल्क केक, लस्सी, पनीर और मक्खन जैसे सामान बिक्री के लिए रखे मिले। ये सभी चीजें लोगों के खाने-पीने के लिए थीं। गवाहों की मौजूदगी में पूरा निरीक्षण हुआ और मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया।
फूड सेफ्टी ऑफिसर ने प्रभात कुर्मी से फूड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मांगा। लेकिन उनके पास वह दस्तावेज नहीं था। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत किसी भी खाद्य व्यवसाय को चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस जरूरी होता है। बिना इसके दूध-मिठाई बेचना नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। निरीक्षण के बाद मामला आगे बढ़ाया गया और अदालत में कार्रवाई शुरू हुई।
मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने अधिनियम की धारा 26(2)(v), 31(2) और 58 के तहत कार्रवाई की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया। 21 सितंबर 2026 को प्रभात कुर्मी को औपचारिक नोटिस जारी किया गया। 8 अक्टूबर की सुनवाई की तारीख तय हुई। नोटिस सही तरीके से दिए जाने के बावजूद प्रभात कुर्मी अदालत में नहीं पहुंचे। नतीजतन अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर एकतरफा फैसला सुनाया।
13 अक्टूबर 2026 को अतिरिक्त कलेक्टर और न्यायनिर्णयन अधिकारी ने आदेश पारित किया। उन्होंने पाया कि आरोप सही हैं। प्रभात कुर्मी बिना निर्धारित फूड रजिस्ट्रेशन के खाद्य पदार्थ इकट्ठा कर बेच रहे थे। यह अधिनियम की धारा 26(2)(v) और 31(2) का उल्लंघन है। धारा 58 के तहत और धारा 49 को ध्यान में रखते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया। आदेश में साफ लिखा गया कि जुर्माना मध्य प्रदेश सरकार के खाता शीर्ष 0210-04-104-0754 में जमा करना होगा। अगर राशि जमा नहीं हुई तो भूमि राजस्व बकाया की तरह वसूली की जाएगी। जुर्माना जमा होने तक व्यवसाय लाइसेंस निलंबित रहेगा।
आदेश की प्रतियां खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त भोपाल, तहसीलदार नरसिंगपुर, फूड सेफ्टी ऑफिसर सरीका दुबे, जिला जनसंपर्क अधिकारी और आवेदक प्रभात कुर्मी को भेजी गईं।

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