इंदौर में दिग्विजय सिंह का RSS-BJP पर हमला, बोले- मुझसे बड़ा कोई सनातनी हिंदू नहीं
यात्रा से पहले दिग्विजय सिंह ने RSS-BJP पर निशाना साधा, राम मंदिर के चंदे और मतदाता सूची पर सवाल उठाए तथा 27 प्रतिशत OBC आरक्षण की मांग दोहराई।
- दिग्विजय सिंह ने कहा, मुझसे बड़ा कोई सनातनी हिंदू नहीं; RSS और BJP पर साधा निशाना।
- 20 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू करने की तैयारी।
- 27 प्रतिशत OBC आरक्षण की मांग दोहराई; मध्य प्रदेश सरकार भी हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुकी है।
इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और मंदिर से जुड़े भूमि सौदों पर सवाल उठाए। उन्होंने इन मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। इसी दौरान उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान पर जोर देते हुए कहा, “मुझसे बड़ा कोई सनातनी हिंदू नहीं।”
दिग्विजय सिंह ने RSS को लेकर विवादित टिप्पणी भी की और ‘संघी आतंकवाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उनके बयानों से एक बार फिर मध्य प्रदेश की राजनीति में धार्मिक पहचान, हिंदुत्व और राजनीतिक संगठनों की भूमिका को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, राम मंदिर के चंदे और जमीन से संबंधित उनके आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी भी कथित अनियमितता को स्थापित तथ्य मानने के लिए स्वतंत्र जांच या संबंधित प्राधिकरण की पुष्टि जरूरी है।
20 अक्टूबर से शुरू होगी उज्जैन से अयोध्या तक यात्रा
दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ 20 अक्टूबर 2026 को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होने वाली है। यात्रा का गंतव्य अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर होगा। इस दौरान ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर सहित कई स्थानों से होकर गुजरने की योजना है। विभिन्न रिपोर्टों में यात्रा की दूरी करीब 930 से 950 किलोमीटर बताई गई है, जबकि इसे पूरा करने में लगभग 70 दिन लगने का अनुमान है।
दिग्विजय सिंह ने इस यात्रा को कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है और यात्रा में कांग्रेस के झंडे या पोस्टर नहीं होंगे। उन्होंने इसे सनातन संस्कृति, सामाजिक सद्भाव और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता के लिए जनजागरण की पहल बताया है। उनके घोषित एजेंडे में राम मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों के अलावा मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित सवाल भी शामिल हैं।
राम मंदिर में चंदे और जमीन के मामलों को लेकर दिग्विजय सिंह पहले भी सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की ओर से दिया गया दान उनकी आस्था और मेहनत से जुड़ा है, इसलिए उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता होनी चाहिए। इस मुद्दे पर उनके आरोपों और संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा पर भी कसा तंज
बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह धीरेंद्र शास्त्री को करीब से जानते हैं और एक बार उनकी कथा में शामिल हुए थे। उनके मुताबिक, उस कार्यक्रम के बाद उन्हें कोविड हो गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ कथा में गए कुछ लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं। यह उनका व्यक्तिगत अनुभव और बयान है; इससे किसी व्यक्ति या कार्यक्रम को संक्रमण के लिए जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा और दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा अलग-अलग आयोजन हैं। धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा का घोषित उद्देश्य हिंदू एकता और सनातन परंपराओं से जुड़ा रहा है, जबकि दिग्विजय सिंह अपनी यात्रा के माध्यम से धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता, सामाजिक सद्भाव और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने की बात कह रहे हैं।
SIR पर सवाल, Gen Z के मुद्दे पर राहुल गांधी का नाम लिया
दिग्विजय सिंह ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें सुधार की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव व्यवस्था से जुड़े अपने सवालों और मांगों को भी यात्रा के एजेंडे का हिस्सा बताया है। इन मुद्दों पर उनके आरोपों और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक जवाब को अलग-अलग देखना होगा।
Gen Z के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी युवा हैं और इस विषय पर जवाब वही दे सकते हैं। अपनी उम्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने खुद को 80 साल का बुजुर्ग बताया। वहीं, नेहा बोरा से जुड़े सवाल पर वह टिप्पणी करने से बचते नजर आए।
27 प्रतिशत OBC आरक्षण की मांग फिर उठाई
दिग्विजय सिंह ने अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण देना संविधान की व्यवस्था का हिस्सा है और इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई जारी रहनी चाहिए। उन्होंने 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।
इस मामले में हालिया घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर 2026 को OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने वाले संशोधन को असंवैधानिक मानते हुए संबंधित याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर को हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की। अब शीर्ष अदालत में मामले की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
दिग्विजय सिंह के ताजा बयान में धार्मिक पहचान, राम मंदिर के चंदे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों के साथ OBC आरक्षण का मुद्दा भी शामिल रहा। 20 अक्टूबर से प्रस्तावित उज्जैन-अयोध्या यात्रा के दौरान इन विषयों पर उनकी आगे की टिप्पणियां और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं चर्चा का केंद्र रह सकती हैं।

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