नर्मदापुरम में जुआ फड़ पर पुलिस की दबिश के बाद युवक की मौत, परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप
बालागंज क्षेत्र में जुआ फड़ पर पुलिस की दबिश के दौरान नासिर की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और समय पर इलाज नहीं दिलाने का आरोप लगाया, जबकि अधिकारियों ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
- बालागंज क्षेत्र में जुआ फड़ पर पुलिस की दबिश के बाद नासिर की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई।
- परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए चार कर्मियों को निलंबित करने की मांग की।
- एएसपी के जांच के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए; मौत के कारणों की पुष्टि जांच से होनी है।
Madhya Pradesh crime news : मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम के बालागंज क्षेत्र में जुआ फड़ पर पुलिस की दबिश के बाद एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान नासिर अली के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने और नासिर की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे मौके पर छोड़ देने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार, जुआ फड़ संचालित होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। पुलिस की दबिश के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान नासिर की तबीयत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही पुलिस की कार्रवाई और युवक को समय पर चिकित्सा सहायता मिलने को लेकर सवाल उठने लगे।
परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने नासिर के साथ मारपीट की थी। उनका कहना है कि तबीयत बिगड़ने के बाद वह करीब 10 से 15 मिनट तक मौके पर पड़ा रहा और पुलिसकर्मी उसे वहां छोड़कर चले गए। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे उठाकर निजी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच के बाद ही घटनाक्रम और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कोतवाली थाने के बाहर देर रात तक प्रदर्शन
नासिर की मौत के बाद सोमवार देर रात परिजन और समाज के लोग शव को एंबुलेंस में रखकर सिटी कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने शव लेकर आई गाड़ी सड़क पर खड़ी कर दी और पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने दबिश देने वाली पुलिस टीम के चार कर्मियों को निलंबित करने की मांग की। रात करीब 12:30 बजे तक थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे और नारेबाजी करते रहे।
स्थिति की जानकारी मिलने पर एएसपी अभिषेक राजन, एसडीओपी जितेंद्र पाठक और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए थाने के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उनकी शिकायतों की जांच कराने का भरोसा दिया।
एएसपी अभिषेक राजन के आश्वासन के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाने पर राजी हुए। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने बताया, जुआ फड़ पर कार्रवाई के दौरान पांच लोग पकड़े गए
एसडीओपी जितेंद्र पाठक के अनुसार, जुआ फड़ संचालित होने की सूचना पर पुलिस टीम को भेजा गया था। दबिश के दौरान वहां मौजूद लोग भागने लगे, जिनमें से पांच लोगों को पकड़ा गया। पुलिस को यह सूचना भी मिली थी कि नासिर जुआ खिलाने में शामिल था। इस पहलू की पुष्टि संबंधित जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जानी है।
जानकारी के मुताबिक, नासिर के खिलाफ जुआ, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें जुए से जुड़े 11 मामले बताए गए हैं। हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों का विवरण मौजूदा घटना में उसकी मौत के कारण या पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं करता। इन सवालों की जांच अलग से किया जाना जरूरी है।
मौत की वजह को लेकर जांच अहम
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नासिर को पहले भी दिल का दौरा पड़ चुका था और उसकी बायपास सर्जरी हुई थी। उसका इलाज भी चल रहा था। कुछ रिपोर्टों में डॉक्टरों के हवाले से हृदय संबंधी समस्या की बात कही गई है, लेकिन मौत की परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे सवालों का निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मेरा नाम शैलेन्द्र है, मैंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से बी.कॉम. किया है। बी.कॉम. (कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक करने के बाद मैंने एल.एल.बी. भी किया है। मैं देश-दुनिया और सामाजिक सरोकारों से खुद को अवगत रखता हूँ और मुझे लिखने का शौक है। मुझे अच्छे लेख लिखना अच्छा लगता है।






