मुख्यमंत्री मोहन यादव का नया उड़न खटोला ,MP सरकार का नया लग्ज़री जेट, जानिए इसकी खूबियां।
234 करोड़ रुपये में खरीदा गया बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 भोपाल पहुंच गया है। नियमित उड़ानों से पहले DGCA की मंजूरी और कुछ तकनीकी औपचारिकताएं बाकी हैं।
भोपाल वालों, आसमान में अब एक नया मेहमान आ गया है। मध्य प्रदेश सरकार का नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट विमान कनाडा के टोरंटो से बैंकॉक होते हुए भोपाल पहुंच चुका है। करीब 234 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए इस विमान का इस्तेमाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दूसरे अति विशिष्ट व्यक्तियों की यात्राओं के लिए होगा। लेकिन विमान सीधे आसमान में उड़ने नहीं लगेगा, इसके लिए अभी कई कानूनी और तकनीकी कदम बाकी हैं।
विमान की खासियत क्या है?
बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 को आधुनिक सुविधाओं वाला बिज़नेस जेट माना जाता है। बताया गया है कि इसकी उड़ान क्षमता लगभग 6,300 किलोमीटर है, यानी लंबी दूरी की यात्रा के लिए यह काफी उपयुक्त है। यह करीब 45 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है और इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 882 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। अगर यह आंकड़े सही साबित होते हैं, तो VVIP यात्राओं में इसका फायदा साफ दिखेगा।
विमान के संचालन की तैयारी के तहत मध्य प्रदेश के कैप्टन विश्वास राय और कैप्टन अरविंद सिंह कनाडा में प्रशिक्षण लेकर लौटे हैं। समझौते के मुताबिक विमान निर्माता कंपनी एक साल तक मुख्य पायलट उपलब्ध कराएगी, जबकि प्रदेश के दोनों पायलट सहायक की भूमिका में रहेंगे। इस दौरान उन्हें विमान के संचालन और तकनीकी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक कैप्टन विश्वास राय और एक अन्य सहयोगी भी इस विमान के साथ भोपाल पहुंचे हैं।
बीमा और खर्च पर चर्चा
विमान की सुरक्षा और जोखिम को देखते हुए सरकार करीब 268 करोड़ रुपये का ऑल-रिस्क बीमा कराने की तैयारी में बताई जा रही है। इसके लिए सालाना लगभग दो करोड़ रुपये प्रीमियम आने का अनुमान है। वहीं सोशल मीडिया और विपक्ष के कुछ हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी विमान पर इतना बड़ा खर्च क्यों किया जा रहा है। सरकार की ओर से इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण आना बाकी है। एक स्रोत के अनुसार बीते कई सालों में सरकार निजी कंपनी को सरकारी विमान सेवा के लिए लगभग 270 करोड़ रुपये दे चुकी है, जिसका आंकड़ा भी अब चर्चा में है।
जनता के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब सरकारी काम में पैसों की तंगी की बात होती है, तब इतना महंगा जेट क्यों। यह भी देखना होगा कि इससे जनता के काम पर असर पड़ता है या नहीं। खर्च और उपयोग का हिसाब सामने आना जरूरी है, ताकि भरोसा बना रहे।
नियमित उड़ान कब से शुरू होगी?
विमान के भोपाल पहुंचने के बाद अब नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की टीम यहां आकर जरूरी जांच और औपचारिकताएं पूरी करेगी। नियामकीय मंजूरी और बाकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही विमान नियमित उड़ान सेवा में शामिल हो पाएगा। अनुमान है कि इस पूरी प्रक्रिया में डेढ़ से दो महीने का समय लग सकता है। मुख्यमंत्री की हवाई यात्राओं के लिए विमान का कॉल साइन C-FLRM बताया गया है, हालांकि मध्य प्रदेश एविएशन विभाग और ATC से अंतिम पुष्टि का इंतजार है।
कुल मिलाकर यह विमान प्रदेश की हवाई सेवा में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। अब देखना यह है कि नियमों की कसौटी पर यह कितनी जल्दी खरा उतरता है और आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री इसमें कब सफर करते दिखाई देते हैं।

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