विदिशा में ट्रक रोकने पहुंचे रेंजर ने निकाली सर्विस रिवॉल्वर, वीडियो वायरल
देवास में टीआई दिलीप पुरी की मौत के बाद विदिशा में अवैध पत्थर से भरे ट्रक को रोकने पहुंचे रेंजर का वीडियो सामने आया है।

Vidisha News: मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के बाद सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच विदिशा जिले के गंजबासौदा से एक वीडियो सामने आया है। इसमें वन विभाग के रेंजर अनिल कुमार अवैध पत्थर से भरे ट्रक को रोकने के दौरान हाथ में सर्विस रिवॉल्वर लिए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने वन विभाग की टीम को देखकर वाहन की रफ्तार बढ़ा दी थी। इसके बाद रेंजर ने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिवॉल्वर हाथ में ले ली।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। देवास में हाल ही में हुई घटना के बाद इस मामले ने एक बार फिर मैदानी स्तर पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है।
गंजबासौदा में वन विभाग की जमीन पर अवैध पत्थर उत्खनन का मामला
मामला विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र का बताया जा रहा है। यहां वन विभाग की जमीन पर पत्थरों के अवैध उत्खनन और परिवहन की सूचना मिली थी। जानकारी मिलने के बाद रेंजर अनिल कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पत्थरों से भरा एक ट्रक दिखाई दिया।
वन विभाग की टीम ने चालक को वाहन रोकने का संकेत दिया, लेकिन वह ट्रक लेकर निकलने की कोशिश करने लगा। रिपोर्ट के अनुसार, जब कर्मचारियों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने उसकी रफ्तार बढ़ा दी। इससे मौके पर मौजूद वनकर्मियों के सामने खतरे की स्थिति बन गई।
स्थिति को देखते हुए रेंजर अनिल कुमार ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर हाथ में ले ली। वायरल वीडियो में वह हथियार के साथ ट्रक के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। देवास के खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के बाद ऐसी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
ट्रक का पीछा कर वन विभाग की टीम ने रोका
ट्रक चालक के वाहन लेकर निकलने की कोशिश के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने उसका पीछा किया। कुछ दूरी पर सड़क किनारे वाहन को रोक लिया गया। इसके बाद चालक को ट्रक से नीचे उतरने के लिए कहा गया। इस दौरान रेंजर के हाथ में सर्विस रिवॉल्वर दिखाई दी।
प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, चालक की पहचान शाहिद खान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पत्थरों से भरे ट्रक को वन विभाग के डिपो में खड़ा कराया गया है। विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, मामले में दर्ज धाराओं और गिरफ्तारी की स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
देवास में टीआई की मौत के बाद बढ़ी अधिकारियों की सुरक्षा की चिंता
विदिशा की घटना को देवास के खातेगांव में हुई घटना के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। वहां 2 नवंबर की रात अवैध शराब परिवहन रोकने पहुंचे थाना प्रभारी दिलीप पुरी को एक वाहन ने टक्कर मार दी थी। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।
इस मामले में 3 नवंबर को आबकारी विभाग ने सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह वघेल समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित किया। हरदा जिले में संबंधित लाइसेंसी की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए। इस कार्रवाई की जानकारी हरिभूमि की रिपोर्ट में दी गई है।
विदिशा में रेंजर के हाथ में रिवॉल्वर लिए दिखने वाला वीडियो भी इसी माहौल के बीच सामने आया है। अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए मौके पर पहुंचने वाले वनकर्मियों को किस तरह की सुरक्षा मिलनी चाहिए, यह सवाल अब महत्वपूर्ण हो गया है। फिलहाल विदिशा के मामले में वन विभाग की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक पक्ष का इंतजार है।

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