मध्य प्रदेश और स्थानीय समाचार

सागर और देवास में कलेक्टर-SP क्यों बदले? जानिए नए अधिकारियों के नाम और शराब मामलों का पूरा अपडेट

सागर में संजीव कुमार सिन्हा और देवास में आदित्य मिश्रा नए SP होंगे, जबकि दिलीप कुमार यादव और नेहा मीना को कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली है।

MP News Today : मध्य प्रदेश में सागर और देवास में शराब से जुड़ी मौतों के मामलों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। दोनों जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक बदल दिए गए हैं। सरकार के आदेश के अनुसार, पांच IAS और चार IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब देवास में संदिग्ध मौतों और अवैध शराब की बिक्री को लेकर सवाल उठ रहे हैं और सागर के बंडा क्षेत्र में हुए शराब मामले के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी चर्चा जारी है।

सागर में संजीव कुमार सिन्हा नए पुलिस अधीक्षक होंगे, जबकि दिलीप कुमार यादव को जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। देवास में आदित्य मिश्रा को पुलिस अधीक्षक और नेहा मीना को कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, तबादला आदेश में इन बदलावों को शराब से जुड़ी घटनाओं की सजा के तौर पर स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है।

यह भी पढिए
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सागर और देवास में किस अधिकारी को मिली नई जिम्मेदारी?

मध्य प्रदेश शासन की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी तबादला आदेश में चार IPS अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) बनाया गया है। उनकी जगह संजीव कुमार सिन्हा सागर के नए SP होंगे। वह इससे पहले ग्वालियर में विशेष सशस्त्र बल की 14वीं वाहिनी में सेनानी के पद पर तैनात थे।

देवास के पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत को भी पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह बालाघाट के SP आदित्य मिश्रा को देवास भेजा गया है। इस बदलाव के बाद दोनों जिलों में पुलिस की कमान नए अधिकारियों के हाथ में होगी।

कलेक्टरों की बात करें तो सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उनकी जगह दिलीप कुमार यादव सागर के नए कलेक्टर होंगे। वहीं, देवास के कलेक्टर ऋतुराज को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह नेहा मीना देवास की नई कलेक्टर होंगी।

यह भी पढिए
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सागर में शराब मामले के करीब 51 दिन बाद तबादला

सागर जिले के बंडा क्षेत्र में शराब पीने के बाद लोगों की मौतों का मामला सितंबर में सामने आया था। घटना के बाद से ही प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे। अब 27 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के तबादले के बाद जिले में पुलिस नेतृत्व बदल गया है।

हालांकि, केवल तबादले के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी अधिकारी की गलती साबित हो गई है। मौतों के मामले में जांच, प्रशासनिक समीक्षा और आधिकारिक निष्कर्ष अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। घटना की पूरी तस्वीर के लिए जांच से जुड़े पुष्ट तथ्यों को देखना जरूरी होगा।

देवास में मौतों को लेकर क्या है पूरा मामला?

देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में कई लोगों की मौतों के बाद शराब को लेकर विवाद खड़ा हुआ। कुछ परिजनों और ग्रामीणों ने आशंका जताई कि मौतों का संबंध शराब पीने से हो सकता है। वहीं, जिला प्रशासन ने शुरुआत में जहरीली शराब से मौत होने की पुष्टि नहीं की थी। मौतों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्टें सामने आईं।

यह भी पढिए
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस बीच पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई में देशी शराब सहित करीब 7.25 लाख रुपये का सामान जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। जब्त सामान में 54 लीटर देशी शराब भी शामिल बताई गई है। जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका और शराब की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई अवैध शराब की बिक्री के आरोपों की गंभीरता दिखाती है, लेकिन गिरफ्तारियां अपने आप में यह साबित नहीं करतीं कि गांवों में हुई सभी मौतें उसी शराब के कारण हुई थीं। जब्त शराब की फॉरेंसिक जांच और मौतों से जुड़े चिकित्सकीय निष्कर्ष इस मामले में अहम होंगे।

देवास में आबकारी विभाग के तीन अधिकारी भी निलंबित

देवास मामले में प्रशासनिक कार्रवाई केवल कलेक्टर और SP के तबादले तक सीमित नहीं रही। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश कुमार पवार और आबकारी उप निरीक्षक राजश्री खन्ना को भी निलंबित किया गया है। कार्रवाई में उनके स्तर पर निगरानी और नियंत्रण में कथित लापरवाही का उल्लेख किया गया है। यह निलंबन प्रशासनिक कार्रवाई है; संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी के अंतिम निर्धारण के लिए प्रक्रिया और निष्कर्ष देखना जरूरी होगा।

Manoj Noriya

नरसिंहपुर जिले की पत्रकारिता में अपनी एक अलग छवि रखने वाले खबरों को नए तरीके के साथ तीखे अंदाज में लिखने का हुनर  बहुत अच्छे से जानते हैं . अब जनसंपर्क टाइम के लिए भी खबरें लिखेंगे

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button