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जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लेकर बड़ा फैसला, ₹100 करोड़ से बनेगी नई कंपनी

सरकार के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य महाकौशल समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना, उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विकास करना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

Jabalpur Bhopal Indore Industrial Corridor : मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य महाकौशल समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना, उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विकास करना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए उद्योग विभाग के माध्यम से एक नई कंपनी गठित की गई है, जो राज्य शासन के स्वामित्व में काम करेगी।

सरकार की ओर से इस कंपनी के लिए ₹100 करोड़ उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कंपनी आर्थिक गलियारे के विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाएगी। इसकी गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे, ताकि संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर निर्णय लेने और परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।

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पहले चरण में 10 हजार एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना

प्रस्तावित कॉरिडोर का उद्देश्य केवल सड़क या परिवहन संपर्क विकसित करना नहीं है, बल्कि इसके आसपास औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए आधार तैयार करना भी है। योजना के पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने का प्रस्ताव है।

इससे उद्योगों की स्थापना, निवेश संबंधी गतिविधियों और सहायक व्यावसायिक इकाइयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा। हालांकि, भूमि की वास्तविक उपलब्धता, स्थानों के चयन, विकास की समयसीमा और परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना से संबंधित जानकारी अलग से स्पष्ट होना जरूरी है।

जबलपुर, नरसिंहपुर से लेकर रायसेन तक के क्षेत्र को इस योजना के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया है। सरकार के मुताबिक, यहां कृषि, पर्यटन, खनन और भारी उद्योगों के विकास की संभावनाएं हैं। सड़क, बिजली, पानी और विमानन संपर्क जैसी सुविधाओं को भी औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए उपयोगी बताया गया है। इन संसाधनों का बेहतर समन्वय होने पर क्षेत्र में उत्पादन, परिवहन, भंडारण और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

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मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश का अनुमान

सरकार ने मार्च 2028 तक इस कॉरिडोर से जुड़े विकास कार्यों के तहत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की संभावना जताई है। इसके साथ लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान दिया गया है। इस तरह कुल तीन लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना बताई गई है। ये आंकड़े फिलहाल अनुमान हैं; वास्तविक निवेश और रोजगार परियोजनाओं की मंजूरी, उद्योगों की स्थापना तथा उनके संचालन पर निर्भर करेंगे।

योजना के अनुसार, आगामी तीन वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने और छह लाख से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, इस व्यापक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निवेश प्रस्तावों का वास्तविक परियोजनाओं में बदलना, भूमि और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता तथा उद्योगों की समयबद्ध स्थापना महत्वपूर्ण होगी।

उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित होने से औद्योगिक इकाइयों के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, निर्माण और अन्य सहायक सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावना है। इसका लाभ स्थानीय कारोबारियों, छोटे और मध्यम उद्यमों तथा कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों को मिल सकता है। कृषि आधारित उद्योगों को भी बेहतर बाजार संपर्क और प्रसंस्करण सुविधाओं से फायदा होने की संभावना है।

हालांकि, परियोजना का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि निवेश किन क्षेत्रों में आता है, स्थानीय लोगों को कितनी प्राथमिकता से रोजगार मिलता है और बुनियादी सुविधाओं का विकास किस गति से होता है। भूमि अधिग्रहण या उपलब्धता, पर्यावरणीय मंजूरियां, जल संसाधनों का प्रबंधन और परिवहन ढांचे का विस्तार भी इसके क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

जबलपुर से भोपाल होते हुए इंदौर तक प्रस्तावित यह आर्थिक गलियारा मध्य प्रदेश के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों के बीच संपर्क और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने की योजना का हिस्सा है। आने वाले समय में कंपनी की कार्ययोजना, निवेश प्रस्तावों, भूमि विकास और परियोजना की समयसीमा से जुड़ी जानकारी सामने आने पर इसके दायरे और संभावित लाभों की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।

Manoj Noriya

नरसिंहपुर जिले की पत्रकारिता में अपनी एक अलग छवि रखने वाले खबरों को नए तरीके के साथ तीखे अंदाज में लिखने का हुनर  बहुत अच्छे से जानते हैं . अब जनसंपर्क टाइम के लिए भी खबरें लिखेंगे

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