दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों से नारे लगवाने का आरोप, NHRC ने MP सरकार से मांगी रिपोर्ट
शिकायत में बच्चों को पैसे का लालच देकर यात्रा में लाने और राजनीतिक नारे लगवाने का आरोप, आयोग ने 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी।
Satya Sanatan Swabhiman Yatra : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा अब बच्चों से राजनीतिक नारे लगवाने के आरोपों को लेकर चर्चा में है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार से जांच कराने को कहा है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित वीडियो और तस्वीरों से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यात्रा के दौरान बच्चों से राजनीतिक नारे लगवाए गए। यह भी दावा किया गया कि बच्चों को पैसे का लालच देकर यात्रा में शामिल किया गया था। शिकायत में इन कथित वीडियो और तस्वीरों को 22 अक्टूबर को फेसबुक पर साझा किए जाने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत में उठाए गए मुद्दों को बच्चों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए राज्य प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने को कहा है। फिलहाल आयोग की कार्रवाई का मतलब आरोपों को सही ठहरा देना नहीं है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और क्या किसी कानून का उल्लंघन किया गया।
NHRC ने किन बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने संरक्षण मानवाधिकार अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले पर विचार किया। शिकायत में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया बच्चों के अधिकारों से जुड़ा विषय मानते हुए आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और DGP को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बच्चों को यात्रा में किस परिस्थिति में शामिल किया गया था और क्या उन्हें पैसे देकर या किसी अन्य तरीके से इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही बच्चों के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों और बाल संरक्षण कानूनों के संभावित उल्लंघन की भी पड़ताल की जाएगी। प्रशासन को जांच के निष्कर्षों के आधार पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।

इस मामले में अब राज्य प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी। वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों का संदर्भ, बच्चों की वास्तविक भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जैसे पहलुओं से ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही है 70 दिन की यात्रा
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर 2026 को उज्जैन से शुरू हुई थी। इस यात्रा का लक्ष्य करीब 950 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अयोध्या पहुंचना है। यात्रा को लगभग 70 दिनों में पूरा करने की योजना बनाई गई है। इसके दौरान प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर पैदल चलने का कार्यक्रम है।
यात्रा को लेकर आयोजकों ने पहले दिन लगभग 3,000 लोगों के शामिल होने की बात कही थी। आगे के पड़ावों पर प्रतिदिन करीब 1,000 से 1,500 लोगों की भागीदारी का अनुमान भी जताया गया था। यात्रा मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगी और इसका अंतिम पड़ाव अयोध्या में राम मंदिर होगा।
दिग्विजय सिंह ने इस यात्रा को धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और मंदिरों में चढ़ावे से जुड़ी पारदर्शिता की मांग सहित विभिन्न मुद्दों से जोड़ा है। यात्रा के दौरान धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संवाद करने की भी योजना है।
यात्रा पर 30 से 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान
यात्रा की व्यवस्था और खर्च को लेकर भी जानकारी सामने आई है। आयोजकों के अनुमानों के मुताबिक, भोजन, चाय, नाश्ते और ठहरने जैसी व्यवस्थाओं पर प्रतिदिन करीब 30,000 से 50,000 रुपये खर्च हो सकते हैं। पूरे 70 दिन के कार्यक्रम का अनुमानित खर्च 30 लाख से 40 लाख रुपये तक बताया गया है। ये अनुमानित आंकड़े हैं, अंतिम खर्च का सत्यापित विवरण नहीं।
यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर भोजन और ठहरने की व्यवस्था स्थानीय सहयोगियों की ओर से किए जाने की बात कही गई है। बड़े पड़ावों पर खर्च अधिक और छोटे पड़ावों पर अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। ऐसे में यात्रा के प्रबंधन में स्थानीय लोगों का सहयोग भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
फिलहाल बच्चों से नारे लगवाने और उन्हें पैसे का लालच देकर यात्रा में शामिल करने के आरोपों पर जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। NHRC की ओर से मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट के बाद ही इस मामले में सामने आए तथ्यों और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

नरसिंहपुर जिले की पत्रकारिता में अपनी एक अलग छवि रखने वाले खबरों को नए तरीके के साथ तीखे अंदाज में लिखने का हुनर बहुत अच्छे से जानते हैं . अब जनसंपर्क टाइम के लिए भी खबरें लिखेंगे






