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MP Weather: मानसून की विदाई के बाद भी नहीं थम रही बारिश, पश्चिमी मध्य प्रदेश के 5 जिलों में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में अरब सागर से आ रही नमी के कारण बारिश की गतिविधियां जारी हैं। कुछ जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक की भी संभावना है।

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अक्टूबर के महीने में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में लगातार बादल बरस रहे हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि मानसून के जाने के बाद मौसम साफ हो जाएगा, लेकिन मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

जिन पांच जिलों के लिए बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और समय जिले के अलग-अलग हिस्सों में अलग हो सकता है। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

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अरब सागर से आ रही नमी, पश्चिमी जिलों में बदला मौसम

मौसम में इस बदलाव के पीछे अरब सागर से आ रही नमी और वायुमंडल में सक्रिय मौसमी सिस्टम को वजह बताया जा रहा है। नमी के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में बादल बनने और बारिश होने की परिस्थितियां बन रही हैं। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

अक्टूबर में मानसून की वापसी के बाद होने वाली बारिश को आम तौर पर पोस्ट मानसून बारिश कहा जाता है। इस अवधि में स्थानीय मौसम प्रणालियों, नमी और हवा की दिशा में बदलाव के कारण कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इसलिए मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश के सभी हिस्सों में मौसम का एक जैसा रहना जरूरी नहीं है।

भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी भोपाल के साथ इंदौर और उज्जैन में भी बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इन शहरों में बारिश होगी या नहीं और इसकी तीव्रता कितनी रहेगी, इसका आकलन संबंधित जिलों के ताजा पूर्वानुमान के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण है, क्योंकि अक्टूबर में होने वाली बारिश से खेतों में खड़ी फसलों, कटाई और कृषि कार्यों पर असर पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में बारिश या तेज हवाओं की संभावना है, वहां किसानों को स्थानीय कृषि सलाह और मौसम विभाग के निर्देशों के अनुसार काम करने की योजना बनानी चाहिए।

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Manoj Noriya

नरसिंहपुर जिले की पत्रकारिता में अपनी एक अलग छवि रखने वाले खबरों को नए तरीके के साथ तीखे अंदाज में लिखने का हुनर  बहुत अच्छे से जानते हैं . अब जनसंपर्क टाइम के लिए भी खबरें लिखेंगे

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