1.94 करोड़ की अनुमानित आय, ₹6.26 करोड़ की संपत्ति! इंदौर-देवास में पुलिसकर्मी के ठिकानों पर छापे
मध्य प्रदेश लोकायुक्त की इंदौर और उज्जैन टीम ने बुधवार सुबह छह बजे एक साथ तलाशी शुरू की। प्रारंभिक जांच में करीब 6.26 करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आई है, जबकि कुल अनुमानित आय लगभग 1.94 करोड़ रुपये बताई गई है।
Indore Lokayukta Raid : मध्य प्रदेश के इंदौर और देवास में लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान से जुड़े 15 ठिकानों पर बुधवार सुबह एक साथ तलाशी शुरू की। फिरोज खान इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ हैं।
लोकायुक्त की इंदौर और उज्जैन इकाइयों की संयुक्त टीम सुबह करीब छह बजे कार्रवाई के लिए पहुंची। शुरुआती जांच में लगभग 6.26 करोड़ रुपये की संपत्तियों का पता चलने की जानकारी सामने आई है। मामले में पुलिसकर्मी की ज्ञात आय, जमीनों के सौदों, बैंक खातों और कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
प्रारंभिक आकलन में आय से 223 प्रतिशत अधिक संपत्ति
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, फिरोज खान की करीब 24 साल की पुलिस सेवा के दौरान वेतन से लगभग 75 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। अन्य ज्ञात स्रोतों से होने वाली आय को जोड़ने के बाद कुल आय करीब 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है।
इसके मुकाबले तलाशी और प्रारंभिक जांच में लगभग 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपये की संपत्ति सामने आने की बात कही गई है। अधिकारियों के शुरुआती आकलन के अनुसार, संपत्तियों का मूल्य अनुमानित आय से करीब 223 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा फिलहाल जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित है। संपत्तियों के वास्तविक मूल्य, उनके वित्तीय स्रोत और आय के उपलब्ध रिकॉर्ड का विस्तृत सत्यापन किया जाना बाकी है।
मकान, फ्लैट और कृषि भूमि भी जांच के दायरे में
लोकायुक्त की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जांच के दायरे में पांच मकान, तीन फ्लैट, पांच आवासीय प्लॉट, एक व्यावसायिक भूखंड और अलग-अलग स्थानों पर कृषि भूमि शामिल हैं। इन संपत्तियों के फिरोज खान, उनके परिवार के सदस्यों और उनकी परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर होने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद के समय किए गए भुगतान, बैंक खातों और आय के स्रोतों का मिलान कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित संपत्तियां किन स्रोतों से खरीदी गईं और क्या उनकी खरीद के लिए घोषित आय पर्याप्त थी।
इंदौर के चार और देवास के 11 ठिकानों पर तलाशी
कार्रवाई के दौरान इंदौर में बाणगंगा क्षेत्र के महेश यादव नगर, स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट और श्रीनगर कॉलोनी के श्रीदेवी अपार्टमेंट सहित अन्य ठिकानों की जांच की जा रही है। देवास में आदर्श नगर स्थित आवास के अलावा पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर कॉलोनी, इंदिरा गांधी नगर, राधागंज और गजीपुरा में संपत्तियों की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही गुरान, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी क्षेत्र में स्थित कृषि भूमि तथा व्यावसायिक भूखंड भी जांच के दायरे में हैं। लोकायुक्त की टीम मकानों और जमीनों से जुड़े दस्तावेजों के साथ निवेश एवं बैंकिंग लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
मां और पत्नी के नाम पर फर्म के लेन-देन की जांच
प्रारंभिक जांच में फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी नाम की फर्म होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, इस फर्म के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त, रोशनी वर्मा के नाम पर रोशनी सेल्स एंड सर्विस नाम की फर्म और रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट के माध्यम से कथित निवेश की पड़ताल हो रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्मों के कारोबार, बैंक खातों और संपत्तियों की खरीद के बीच क्या संबंध है। केवल किसी व्यक्ति या परिवार के सदस्य के नाम पर संपत्ति अथवा फर्म होने से अपने आप कोई अपराध साबित नहीं होता; इसके लिए संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है।
21.75 बीघा कृषि भूमि के सौदे की भी पड़ताल
शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि फिरोज खान पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में विवादित जमीनों और प्लॉटों से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करते थे। शिकायत के अनुसार, संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में दूसरे लोगों का इस्तेमाल करने, परिवार के सदस्यों और एक परिचित महिला के नाम पर जमीनें खरीदने तथा कई वाहन रखने के आरोप भी हैं। लकड़ी के कारोबार से जुड़े होने की शिकायत की भी जांच की जा रही है।
इसके अलावा, इंदौर जिले की सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि से संबंधित एक सौदे की पड़ताल की जा रही है। आरोप है कि जमीन के विवाद के दौरान रोशनी वर्मा के नाम पर इस कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया गया था। इन आरोपों की पुष्टि जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
मामले में FIR दर्ज, जांच जारी
लोकायुक्त से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिरोज खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। इस मामले में रोशनी वर्मा को भी संपत्तियों की खरीद से संबंधित कथित भूमिका के आधार पर आरोपी बनाया गया है। फिलहाल इंदौर और देवास में तलाशी के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों, बैंक खातों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए संपत्ति के आंकड़े अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं हैं। संपत्तियों के स्रोत, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

मेरा नाम शैलेन्द्र है, मैंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से बी.कॉम. किया है। बी.कॉम. (कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक करने के बाद मैंने एल.एल.बी. भी किया है। मैं देश-दुनिया और सामाजिक सरोकारों से खुद को अवगत रखता हूँ और मुझे लिखने का शौक है। मुझे अच्छे लेख लिखना अच्छा लगता है।






