MP Cabinet Meeting Today मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक आज, सोमवार 12 अक्टूबर को होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यह बैठक दोपहर 3 बजे भोपाल के मंत्रालय में बुलाई गई है। बैठक से पहले बड़ा सवाल यही है कि इस बार किन प्रस्तावों पर मुहर लगेगी। मीटिंग में कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी और उन्हें मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट के सभी मंत्री और विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे।
अभी सरकार की ओर से प्रस्तावों की आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है। इसलिए किसी विभाग या योजना के बारे में पहले से कुछ कहना ठीक नहीं होगा। बैठक खत्म होने के बाद सरकार जो जानकारी देगी, वही अंतिम मानी जाएगी।
कैबिनेट की इस बैठक पर प्रदेश के कर्मचारियों, किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों की नजर रहेगी। सरकार के फैसलों का असर शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रोजगार से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ सकता है। लेकिन किसी नए फैसले या योजना की घोषणा की पुष्टि बैठक के बाद जारी आधिकारिक जानकारी से ही होगी।
MP Cabinet Meeting Today: किन मुद्दों पर रहेगी नजर?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आज के एजेंडे का विवरण नहीं है। इसलिए यह कहना अभी सही नहीं होगा कि पिछली बैठकों में मंजूर योजनाओं में से किसी पर आज दोबारा निर्णय लिया जाएगा।
पिछली कैबिनेट बैठकों में सरकार ने विद्यार्थियों की ड्रेस, सड़क निर्माण, अग्निवीरों को आरक्षण, अस्पतालों और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। इन फैसलों से जुड़े कामों की प्रगति और नई घोषणाएं भी लोगों के लिए अहम रहेंगी।
पिछली कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले
1. पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को ड्रेस के लिए 600 रुपये
प्रदेश में कक्षा 1 से 8वीं तक के करीब 58 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में स्कूल ड्रेस के लिए 348 करोड़ रुपये सीधे भेजने का फैसला लिया गया था। ड्रेस तैयार होने में देरी को देखते हुए सरकार ने प्रति विद्यार्थी 600 रुपये देने का निर्णय किया था। इस व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को समय पर स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराने में मदद करना है।
2. दमोह-कटनी फोरलेन सड़क के लिए 4,470 करोड़ रुपये
पिछली बैठक में दमोह से कटनी के बीच करीब 105.01 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए लगभग 4,470 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। परियोजना पूरी होने पर दोनों शहरों के बीच आवागमन आसान होने और यात्रा में करीब डेढ़ घंटे तक की बचत होने का अनुमान जताया गया था। वास्तविक समय की बचत सड़क की स्थिति और यातायात पर भी निर्भर करेगी।
3. अग्निवीरों को पांच वर्दीधारी विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण
सरकार ने प्रदेश के पांच वर्दीधारी विभागों में आरक्षक सहित निर्धारित पदों की भर्ती में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया था। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इसका लाभ पूर्व सैनिकों को भी दिया जाना है। भर्ती में इसका वास्तविक लाभ संबंधित नियमों, पात्रता और लागू भर्ती प्रक्रिया के अनुसार मिलेगा।
4. सिंगरौली में 125 बिस्तरों का अस्पताल
सिंगरौली मेडिकल कॉलेज से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 125 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण हेतु 342 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाकर 150 किए जाने के बाद अस्पताल की क्षमता बढ़ाने का निर्णय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
5. छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज की लागत बढ़ी
छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के निर्माण की अनुमानित लागत 768 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 953 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। बढ़ी हुई राशि का उद्देश्य निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है।
6. सिंचाई परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर जमीन को लाभ का लक्ष्य
पिछली बैठक में सिंचाई विभाग की चार योजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इनमें मां रतनगढ़-दतिया परियोजना से 78 हजार हेक्टेयर और रामपुर मानव परियोजना से 44 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य बताया गया था। इन दोनों परियोजनाओं को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। किसानों को वास्तविक लाभ परियोजनाओं के निर्माण और सिंचाई सुविधा शुरू होने के बाद मिलेगा।
7. छात्रावासों को एक रुपये किलो में अनाज
विमुक्त, घुमंतू और अर्धविमुक्त वर्ग के छात्रावासों, कल्याण आश्रमों और संबंधित संस्थानों को पांच रुपये प्रति किलो के बजाय एक रुपये प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया था। इस कदम से संबंधित संस्थानों में रहने वाले विद्यार्थियों के भोजन खर्च को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
8. न्यायालय भवनों के निर्माण के लिए 600 करोड़ रुपये
प्रदेश में न्यायालय भवनों के निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए केंद्र से मिलने वाली राशि के तहत 600 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। इस राशि का उपयोग संबंधित स्वीकृत निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने में किया जाना है।
9. स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3,113 करोड़ रुपये
प्रदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए अगले पांच वर्षों में 3,113 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है। योजनाओं का असर निर्माण की प्रगति और स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन पर निर्भर करेगा।

मेरा नाम शैलेन्द्र है, मैंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से बी.कॉम. किया है। बी.कॉम. (कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक करने के बाद मैंने एल.एल.बी. भी किया है। मैं देश-दुनिया और सामाजिक सरोकारों से खुद को अवगत रखता हूँ और मुझे लिखने का शौक है। मुझे अच्छे लेख लिखना अच्छा लगता है।

